रांची: ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े टेंडर घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। मामले में आरोपी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर अजय तिर्की और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर उमेश कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के केस में विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के तुरंत बाद अदालत ने दोनों को सशर्त जमानत प्रदान कर दी।
एक-एक लाख के मुचलके पर जमानत
विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि, जमानत के साथ सख्त शर्तें भी लागू की गई हैं।
पासपोर्ट जमा करने और विदेश यात्रा पर रोक
अदालत ने निर्देश दिया है कि दोनों आरोपी अपना पासपोर्ट जमा करेंगे और बिना न्यायालय की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकने की कोशिश की गई है।
ईडी की कार्रवाई तेज, पूरक आरोप पत्र दाखिल
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में हाल ही में प्रमोद कुमार समेत 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है।
जांच के दायरे में कई नाम
टेंडर घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें कई अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ईडी इस पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन और अनियमितताओं की गहराई से जांच कर रही है।
