रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 का मसौदा सार्वजनिक कर दिया है। उद्योग विभाग ने शनिवार को नई नीति का ड्राफ्ट जारी करते हुए उद्योग जगत, निवेशकों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

सरकार का उद्देश्य इस नई नीति के माध्यम से राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

एक लाख करोड़ रुपये निवेश और 25 हजार रोजगार का लक्ष्य

नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही कम से कम 25 हजार लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का मानना है कि नई नीति से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आर्थिक विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

लॉजिस्टिक्स पार्क और कोल्ड स्टोरेज को मिलेगा बढ़ावा

मसौदा नीति के अनुसार झारखंड की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे टर्मिनलों के आसपास आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क तथा कोल्ड स्टोरेज श्रृंखला विकसित करने के लिए निवेशकों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य परिवहन, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना है, जिससे उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

एमएसएमई को पेटेंट और नई तकनीक अपनाने पर मिलेगा प्रोत्साहन

नई नीति में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को नवाचार के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा गया है। यदि कोई एमएसएमई इकाई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट प्राप्त करती है अथवा नई तकनीक अपनाती है, तो सरकार संबंधित व्यय का 50 प्रतिशत तक वहन करेगी। इसके लिए अधिकतम 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट, बिजली शुल्क में भी राहत

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक इकाइयों को जमीन के पंजीकरण पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा उत्पादन शुरू होने के बाद शुरुआती पांच वर्षों तक बिजली शुल्क में विशेष रियायत भी दी जाएगी। सरकार का विश्वास है कि इन प्रोत्साहनों से राज्य में निवेश बढ़ेगा और औद्योगिक विकास को नई मजबूती मिलेगी।

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