रांची : बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की है। छात्रों ने इस्तेमाल की जा चुकी प्लास्टिक बोतलों को रिसाइकिल कर इको-फ्रेंडली डस्टबिन तैयार किए हैं। इस पहल की कैंपस में काफी सराहना हो रही है।
छात्रों ने बताया कि परिसर में बढ़ते प्लास्टिक कचरे को देखकर उनके मन में यह विचार आया कि क्यों न बेकार पड़ी प्लास्टिक बोतलों को किसी उपयोगी चीज में बदला जाए। इसके बाद छात्रों ने कैंपस से इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतलों को इकट्ठा किया और उन्हें काट-छांट कर मजबूत और उपयोगी डस्टबिन का रूप दिया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
छात्रों द्वारा तैयार किए गए इन डस्टबिन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे हल्के होने के साथ-साथ टिकाऊ भी हैं। साथ ही ये पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान भी नहीं पहुंचाते।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल डस्टबिन बनाना नहीं था, बल्कि लोगों को यह संदेश देना था कि यदि कचरे का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो वही बेकार चीजें उपयोगी संसाधन में बदली जा सकती हैं।
कैंपस में स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से न केवल कैंपस में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्लास्टिक वेस्ट को कम करने में भी मदद मिलेगी। फैकल्टी सदस्यों और अन्य छात्रों ने इस प्रयास को सराहनीय बताया है।
कई शिक्षकों का मानना है कि इस तरह के छोटे-छोटे नवाचार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
छात्रों की पहल बनी प्रेरणा
बीआईटी मेसरा के छात्रों की यह पहल अब दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। इस प्रोजेक्ट ने यह साबित कर दिया है कि सकारात्मक सोच और रचनात्मक प्रयासों के जरिए बेकार वस्तुओं से भी उपयोगी और पर्यावरण हितैषी समाधान निकाले जा सकते हैं।
