हजारीबाग : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय हजारीबाग स्थित पशुपालन विभाग में लंबे समय से क्षेत्रीय निदेशक का पद रिक्त होने के कारण विभागीय कार्यों और योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वर्ष 2024 से यह महत्वपूर्ण पद स्थायी रूप से खाली है और वर्तमान में विभाग का संचालन प्रभार के आधार पर किया जा रहा है।
पशुपालन विभाग के अंतर्गत आने वाले हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिलों में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, समीक्षा और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी क्षेत्रीय निदेशक की होती है। ऐसे में नियमित अधिकारी की अनुपस्थिति विभागीय कार्यों को प्रभावित कर सकती है।
2024 से खाली है क्षेत्रीय निदेशक का पद
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 के बाद से क्षेत्रीय निदेशक का पद रिक्त है। वर्तमान में डॉ. मुकेश कुमार सिन्हा प्रभारी क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनकी मूल पदस्थापना हजारीबाग स्थित प्रांतीय पशु औषधालय में पशु शल्य चिकित्सक के पद पर है।
प्रांतीय पशु औषधालय शहर के कल्लू चौक के समीप स्थित है, जहां वे अपनी मूल जिम्मेदारियों के साथ क्षेत्रीय निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
कई महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी
पशुपालन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित करता है। इनमें बॉयलर मुर्गी वितरण योजना, शूकर विकास योजना, बैकयार्ड मुर्गी पालन, बकरा विकास योजना, बत्तख चूजा वितरण कार्यक्रम तथा जोड़ा बैल वितरण योजना शामिल हैं।
इसके अलावा पशुओं के टीकाकरण अभियान भी विभाग की प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की कमी के कारण योजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी प्रभावित हो सकती है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी का पद भी रिक्त
हजारीबाग जिले में जिला पशुपालन पदाधिकारी का पद भी लंबे समय से खाली है। 31 अक्टूबर के बाद से इस पद पर किसी स्थायी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है।
फिलहाल बरही स्थित गोरिया करमा परियोजना के प्रबंधक डॉ. संजीव कुमार को जिला पशुपालन पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे विभागीय कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
विभाग का दावा, योजनाओं का संचालन सुचारु
प्रभारी जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि अधिकारियों की कमी के बावजूद विभागीय कार्यों और संचालित योजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं प्रभारी क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिन्हा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं हो सका।
स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि विभाग में रिक्त महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

