नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक हलचल के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बागी सांसदों की बैठक को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस बीच पार्टी सांसदसायनी घोष और मिताली बाग के बयानों ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है।
दिल्ली पहुंचीं सायनी घोष से जब पार्टी के अंदर चल रही गतिविधियों और बागी सांसदों की बैठक को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी कहना होगा, वह अपने लोकसभा क्षेत्र की जनता से कहेंगी। इसके बाद उन्होंने केवल इतना कहा, “वेट एंड वॉच।”
वहीं सांसद मिताली बाग ने भी बेहद संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिलहाल कुछ कहना उचित नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। दोनों नेताओं के बयान इस ओर संकेत कर रहे हैं कि पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियां महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी हैं।
ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं कीर्ति आजाद
इस बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे।
कीर्ति आजाद ने कहा कि उनका और ममता बनर्जी का संबंध वर्षों पुराना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 से ममता बनर्जी उन्हें भाई दूज के अवसर पर भाई फोटा देती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें सम्मान दिया और सांसद बनाकर लोकसभा भेजा, इसलिए संकट के समय उनका साथ छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।
भाजपा पर लगाया ‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप
कीर्ति आजाद ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, वे पहले से ही जाने का मन बना चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता अवसर देखकर दल बदल रहे हैं।
तृणमूल सांसद ने भारतीय जनता पार्टी पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राजनीतिक दलों के बीच नेताओं की खरीद-फरोख्त खुलेआम हो रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखाकर नेताओं को दल बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
‘आठ सांसद अब भी ममता बनर्जी के साथ’
कीर्ति आजाद ने यह भी दावा किया कि उन्हें भी पार्टी से अलग करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसद ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा और पार्टी भविष्य में भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में मजबूत स्थिति बनाए रखेगी।

