जमशेदपुर: ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति ने सोमवार को आगे की रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सरयू राय समेत कई राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह बैठक बिष्टुपुर स्थित विधायक कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें रेल सेवाओं की खराब स्थिति और यात्रियों की परेशानियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
रेलवे के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का फैसला
बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्री ट्रेनों की देरी के खिलाफ संघर्ष समिति चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। चक्रधरपुर मंडल द्वारा स्थिति में ठोस सुधार किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इसके तहत 26 अप्रैल को बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए संघर्ष समिति के 50 समूह बनाए जाएंगे, जो रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से संपर्क कर हस्ताक्षर जुटाएंगे।
राज्यपाल और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा ज्ञापन
एकत्रित हस्ताक्षरों को झारखंड के राज्यपाल और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि यात्रियों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सके।
हस्ताक्षर अभियान की तैयारी को लेकर 23 अप्रैल को एक और बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न समूहों और लोगों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने का आरोप
सरयू राय ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से स्पष्ट है कि आम यात्री गंभीर रूप से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे अधिकारी यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में रेलवे बोर्ड, रेल मंत्रालय या मंडल स्तर से कोई आदेश जारी हुआ है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
यात्रियों को हो रहा आर्थिक और समय का नुकसान
विधायक ने कहा कि समय पर गंतव्य तक पहुंचाने का रेलवे का वादा मौजूदा स्थिति में अधूरा नजर आ रहा है। जमशेदपुर के यात्रियों को हो रहे नुकसान का भी आकलन किया जाना चाहिए।
युवाओं की भागीदारी होगी सुनिश्चित
संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपेगा। वहीं आजसू जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि आंदोलन में युवाओं की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जदयू महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है और आम लोग रेलवे की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।

