रांची: झारखंड में मनरेगा कर्मियों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्यभर के मनरेगा कर्मी 15 और 16 अप्रैल को ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के पुराना विधानसभा स्थित आवास के समक्ष धरना देंगे। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित किया जाएगा।
12 मार्च से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल
मनरेगा कर्मी पिछले 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल का असर अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। कई विकास कार्य ठप पड़ गए हैं और योजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई है।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय ने कहा कि कर्मियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। कई बार ज्ञापन सौंपने और वार्ता के बावजूद कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलने के कारण अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री आवास घेराव का ऐलान
संघ ने 15 और 16 अप्रैल को मंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया है। इस दौरान कर्मी अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से जल्द समाधान की मांग करेंगे। प्रशासन को इस कार्यक्रम की पूर्व सूचना भी दे दी गई है।
ये हैं प्रमुख मांगें
मनरेगा कर्मियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- सभी कर्मियों का नियमितीकरण
- मानदेय में बढ़ोतरी
- सेवा सुरक्षा और नौकरी का समायोजन
- बीमा और सामाजिक सुरक्षा की सुविधा
- कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन
इसके अलावा कर्मी ओडिशा की तर्ज पर नियमितीकरण लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।
बढ़ सकता है आंदोलन का दायरा
कर्मचारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इससे राज्य की ग्रामीण विकास योजनाओं पर और अधिक असर पड़ सकता है।
