पलामू : झारखंड के पलामू जिले में चर्चित विनीत तिवारी अपहरण और हत्याकांड मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। रविवार को आईजी अभियान सह जोनल आईजी नरेंद्र कुमार सिंह ने पलामू एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और पलामू एसपी कपिल चौधरी भी मौजूद रहे।
जांच से जुड़े अहम बिंदुओं पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में आईजी नरेंद्र कुमार सिंह ने हत्याकांड की जांच की प्रगति की जानकारी ली और जिला पुलिस को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में आ रही तकनीकी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी तक पहुंचने के लिए विभिन्न स्तरों पर रणनीति तैयार की।
सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपी की तलाश में कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
बैठक के बाद पलामू एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया है। एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
25 अप्रैल को हुआ था अपहरण
जानकारी के मुताबिक, 25 अप्रैल 2026 को विनीत तिवारी का अपहरण कर लिया गया था। इसके अगले दिन 26 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र से उसका शव बरामद हुआ था। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
मामले में प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल और उसके भाई दिलीप तिवारी उर्फ मिंटू तिवारी पर हत्या का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मिंटू तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल अब भी फरार है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है और जल्द उसे पकड़ लिया जाएगा।

