रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले में वर्षों से लापता एक बच्ची के मामले में पुलिस जांच पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले दो हफ्तों में जांच में ठोस प्रगति नहीं हुई, तो मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी जा सकती है।
कोर्ट ने जांच की रफ्तार पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान राज्य की पुलिस महानिदेशक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुईं और अब तक की जांच की जानकारी दी। हालांकि, अदालत मौजूदा प्रगति से संतुष्ट नहीं दिखी और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।
2018 से कोर्ट की निगरानी में मामला
यह मामला गुमला जिले की एक छह वर्षीय बच्ची से जुड़ा है, जो कई साल पहले लापता हो गई थी। बच्ची की मां ने सितंबर 2018 में हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल कर बेटी की बरामदगी की मांग की थी। तब से यह मामला अदालत की निगरानी में चल रहा है।
एसआईटी गठित, फिर भी नहीं मिला सुराग
पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। टीम ने बच्ची की तलाश में दिल्ली सहित कई स्थानों पर छानबीन की और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
इसके अलावा बच्ची की तस्वीरें विभिन्न प्लेटफॉर्म और स्थानों पर साझा की गईं, ताकि कोई सुराग मिल सके। इसके बावजूद अब तक बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
दो हफ्ते का अल्टीमेटम
अदालत ने पुलिस को दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया है कि इस अवधि में जांच में ठोस प्रगति दिखनी चाहिए। अन्यथा मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने पर विचार किया जाएगा।

