रांची: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2026 के परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। झारखंड हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटा दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने किशोर मंडल की याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए रिजल्ट के प्रकाशन का रास्ता साफ कर दिया। अब झारखंड लोक सेवा आयोग जल्द ही संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2026 का परिणाम जारी कर सकता है।

यह मामला अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने और कट-ऑफ वर्ष तय करने की मांग से जुड़ा था।

उम्र सीमा को लेकर क्या था विवाद?

हाईकोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई थी कि जेपीएससी के विज्ञापन में आयु निर्धारण के लिए तय 1 अगस्त 2025 की कट-ऑफ तिथि को बदलकर 1 अगस्त 2018 किया जाए, ताकि अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने आयु सीमा पार कर चुके कुछ अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देते हुए उनके आवेदन हार्ड कॉपी के रूप में स्वीकार करने और उन्हें प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। हालांकि, उनके परिणाम के प्रकाशन पर रोक लगा दी गई थी।

2022 की कट-ऑफ को हाईकोर्ट की मंजूरी

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि अभ्यर्थियों की मांग पर विचार करते हुए आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए वर्ष 2022 को नया कट-ऑफ वर्ष निर्धारित किया गया है।

झारखंड लोक सेवा आयोग ने अदालत में स्पष्ट किया कि आयु सीमा में छूट देने का अधिकार राज्य सरकार के पास है, आयोग के पास नहीं।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित वर्ष 2022 की कट-ऑफ को वैध माना। अदालत ने निर्देश दिया कि परीक्षा परिणाम में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल किया जाए, जो वर्ष 2022 की आयु सीमा के अंतर्गत पात्र हैं।

2018 कट-ऑफ की मांग करने वालों को नहीं मिली राहत

अदालत के इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिल सकी, जो वर्ष 2018 की कट-ऑफ के आधार पर पात्र होते, लेकिन वर्ष 2022 की आयु सीमा के अनुसार पात्रता से बाहर हो गए।

याचिकाकर्ता की ओर से पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।

आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष

सुनवाई के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पिपरवाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने अदालत में आयोग का पक्ष रखा।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2026 के परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को जल्द रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है।

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