झारखंड : झारखंड में जनगणना कार्य को लेकर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि दूसरी ओर कई महीनों से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण शिक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। वेतन नहीं मिलने से शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और अब जनगणना कार्य के बहिष्कार की चेतावनी भी देने लगे हैं।
गिरिडीह के शिक्षकों में बढ़ा आक्रोश
ताजा मामला गिरिडीह जिले से सामने आया है, जहां सैकड़ों पीजीटी और टीजीटी शिक्षक पिछले दो महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। वेतन भुगतान नहीं होने से शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
शिक्षकों का आरोप है कि वे लगातार संबंधित अधिकारियों से वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
मार्च और अप्रैल का वेतन लंबित
जानकारी के अनुसार, जिले में कार्यरत करीब 1029 टीजीटी और 300 पीजीटी शिक्षकों समेत कई कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है। इससे शिक्षकों में डीईओ कार्यालय की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिक्षकों का कहना है कि नियमित वेतन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई शिक्षक आर्थिक तंगी के कारण मानसिक तनाव का भी सामना कर रहे हैं।
जनगणना कार्य बहिष्कार की चेतावनी
वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी से नाराज शिक्षक अब जनगणना कार्य के बहिष्कार पर विचार कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक अतिरिक्त जिम्मेदारियों का निर्वहन करना मुश्किल होगा।
शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द वेतन जारी करने की मांग की है, ताकि उनकी आर्थिक परेशानियां दूर हो सकें।

