रांची : देश के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में इस बार मौसम काफी राहत भरा बना हुआ है। लगातार आंधी, गरज-चमक और बारिश के कारण राजधानी में गर्मी का असर बेहद कम देखने को मिल रहा है।

मई के महीने में भी लोगों को सुबह और शाम ठंडी हवाओं के साथ सुहावना मौसम महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे मौसमी सिस्टम लगातार सक्रिय रहने की वजह से गर्म हवाओं का प्रभाव कम रहा और तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।

अप्रैल में बढ़ी थी गर्मी, फिर बदला मौसम

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रांची में दो दिनों तक तेज गर्मी दर्ज की गई थी। उस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उस समय कोई सक्रिय मौसमी सिस्टम नहीं था और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क एवं गर्म हवाओं के कारण तापमान बढ़ गया था।

हालांकि मई की शुरुआत होते ही मौसम ने करवट ले ली। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण गर्मी का असर कम हो गया। फिलहाल राजधानी का अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो सामान्य से कम माना जा रहा है।

2024 रहा सबसे गर्म वर्ष

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 रांची के लिए सबसे गर्म साल रहा। उस दौरान राजधानी का अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

वहीं पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक तापमान 15 मई 2017 को रिकॉर्ड किया गया था, जब रांची का पारा 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस बार लगातार बदलते मौसम और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत दी है।

7 जून तक झारखंड पहुंच सकता है मानसून

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. अभिषेक आनंद ने बताया कि इस वर्ष 26 मई तक केरल में मानसून के प्रवेश की संभावना है। इसके बाद मानसून की गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम, हवा की दिशा और तापमान पर निर्भर करेगी।

उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 12 दिन बाद मानसून झारखंड में प्रवेश करता है। ऐसे में 7 जून तक मानसून के झारखंड पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

अगले कुछ दिनों तक बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, 17 और 18 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।

वहीं 19 मई को धनबाद और कोडरमा से सटे इलाकों में गर्जन, तेज हवा और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 20 से 22 मई तक भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

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