धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन और कोयले की अवैध ढुलाई के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर सड़क पर देखने को मिला। इलाके के लोगों ने मंगलवार को सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में खुलेआम अवैध कोयला खनन किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंख मूंदे हुए हैं। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

खराब हो रही सड़कें, बढ़ रहा खतरा

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि अवैध खनन और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से गांव की सड़कें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। दिन-रात चलने वाले हाइवा और ट्रकों की वजह से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा।

“रातभर चलता है अवैध खेल”

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और ढुलाई की जाती है। इससे गांव में हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने कहा कि तेज रफ्तार भारी वाहनों की वजह से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का सड़क पार करना भी मुश्किल हो गया है।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी खुलकर विरोध जताया। उनका कहना था कि कोयले की धूल और प्रदूषण के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की। लोगों का आरोप था कि सबकुछ जानकारी में होने के बावजूद अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धीरे-धीरे जाम हटाया गया।

पहले भी हो चुके हैं विरोध प्रदर्शन

धनबाद के कई इलाकों में अवैध कोयला खनन को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति बन चुकी है। कई बार ग्रामीणों और कथित कोयला तस्करों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

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