रांची : झारखंड में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। सुबह और दिन के समय तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर बाद कई जिलों में अचानक आंधी और बारिश से मौसम बदल जा रहा है। दिन में उमस और गर्मी के बीच रात के समय तापमान में गिरावट से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है।

राज्य के लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। सबसे अधिक गर्मी मेदिनीनगर में दर्ज की गई, जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं जमशेदपुर में 36 डिग्री, बोकारो और चाईबासा में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रांची का न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

15 और 16 मई को कई जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदला रह सकता है। कई जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

हालांकि पलामू और गढ़वा को छोड़कर लगभग पूरे झारखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

17 मई को तेज आंधी और तूफान की चेतावनी

17 मई को मौसम और ज्यादा आक्रामक रूप ले सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़ और रांची में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा गुमला और खूंटी समेत दक्षिणी जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।

18 मई तक खराब मौसम के आसार

18 मई को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है। मौसम विभाग ने कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची, धनबाद और चतरा में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जर्जर भवनों के आसपास खड़े होने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले में मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह भी दी गई है।

किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह

मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए किसानों को भी फसल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। विभाग ने किसानों से नियमित मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है, ताकि तेज हवा और बारिश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

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