रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई योजना तैयार की है।

सस्ती दवाएं और इम्प्लांट्स एक ही जगह

नई पहल के तहत रिम्स में जेनेरिक और ब्रांडेड दवाओं के साथ-साथ कंज्यूमेबल्स जैसे सिरिंज और ग्लव्स तथा इम्प्लांट्स जैसे स्टेंट और ऑर्थोपेडिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

इससे मरीजों को बाहरी मेडिकल दुकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और इलाज की कुल लागत में कमी आएगी। इसके लिए विभिन्न विभागों में 3 से 4 इकोनॉमिकल ड्रग एंड कंज्यूमेबल्स स्टोर खोले जाएंगे।

1.5 करोड़ का रिवॉल्विंग फंड

इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड बनाया जाएगा। इस फंड के जरिए दवाओं और जरूरी सामग्रियों की नियमित खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी समय स्टॉक की कमी न हो।

डिजिटल मॉनिटरिंग से पारदर्शिता

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत दवाओं की खरीद, स्टॉक और वितरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा।

साथ ही मरीजों को निर्धारित दरों पर ही दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।

गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा लाभ

इस पहल से मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा और सरकारी अस्पतालों में भरोसा भी बढ़ेगा। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को इसका सबसे अधिक फायदा मिलेगा।

भविष्य में रिम्स प्रबंधन इस योजना का विस्तार करते हुए ई-फार्मेसी, केंद्रीकृत दवा भंडारण और 24 घंटे मेडिकल सप्लाई जैसी सुविधाएं भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

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