नई दिल्ली: BBC की पत्रकार सर्वप्रिया सांगवान को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारिता की भूमिका और लोकतंत्र में उसकी अहमियत पर विस्तार से अपनी बात रखी।

‘पत्रकार नागरिक बनने की ट्रेनिंग देता है’

अवॉर्ड मिलने के बाद सर्वप्रिया सांगवान ने कहा कि समाज में हर पेशे के लिए ट्रेनिंग होती है, लेकिन नागरिक बनने की ट्रेनिंग कोई औपचारिक रूप से नहीं देता। उनके अनुसार, यह भूमिका पत्रकार निभाता है।

उन्होंने कहा, “पत्रकारिता एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें न केवल पत्रकार बल्कि जनता भी लगातार सीखती है। इसलिए यह ऐसा पेशा नहीं है, जहां तुरंत परिणाम की उम्मीद की जाए।”

लोकतंत्र और मीडिया की चुनौतियां

सर्वप्रिया ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में मीडिया और लोकतंत्र दोनों कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे दौर में उनके प्रोजेक्ट ‘द लास्ट मैन’ ने उन्हें उम्मीद दी है।

उन्होंने कहा कि भले ही उनका काम सीमित लोगों तक पहुंचा हो, लेकिन अगर कुछ लोगों पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ा है, तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।

काम को मिला व्यापक सम्मान

उन्होंने बताया कि उनकी इस सामाजिक-राजनीतिक श्रृंखला को एक ही वर्ष में तीन अलग-अलग ज्यूरी द्वारा सम्मानित किया गया है, जिसे उन्होंने अपने काम की विश्वसनीयता और गुणवत्ता का प्रमाण बताया।

पत्रकारिता के मूल्यों पर जोर

सर्वप्रिया सांगवान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कभी प्रतिस्पर्धा या लोकप्रियता की दौड़ में पत्रकारिता की मर्यादा से समझौता नहीं किया।

उन्होंने कहा कि सच्ची पत्रकारिता के लिए ईमानदारी, संतुलन और आत्मअनुशासन जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विश्वास और जिम्मेदारी ऐसी चीजें हैं, जिन्हें खरीदा नहीं जा सकता, बल्कि अपने काम और व्यवहार से अर्जित किया जाता है।

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