Author: Lokchetna

नयी दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली का शासन मॉडल शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के मामले में पूरे देश को दिशा दिखा रहा है। केजरीवाल ने विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान इन तीनों क्षेत्रों में दिल्ली सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया।केजरीवाल ने कहा, “आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली में इतने काम किए हैं जो पिछले 75 वर्षों में नहीं हुए थे। आज ‘दिल्ली मॉडल’ पूरे देश को दिशा दिखा रहा है। मैं तीन क्षेत्रों – स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली के बारे में बात करूंगा।” केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में लगभग चार से…

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नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है और बढ़े हुए बिल प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एकमुश्त निपटान के लिए उसका समर्थन कुछ और नहीं बल्कि ‘एक बार का सुपर घोटाला’ योजना है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि यह घोटाला करीब 70,000 करोड़ रुपये का हो सकता है और अगर केजरीवाल उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिल माफ करने को लेकर गंभीर हैं तो वह उन सभी लोगों के लिए ऐसा कर सकते हैं…

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नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कपड़ा क्षेत्र को पूरा सहयोग देने का वादा किया और साथ ही इस बात पर बल दिया कि यह क्षेत्र 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत 2047 में आजादी के सौ साल पूरे करेगा। मोदी ने ‘भारत टेक्स 2024’ का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में कपड़ा क्षेत्र के योगदान को और बढ़ाने के लिए सरकार बहुत व्यापक स्तर पर काम कर रही है। ‘भारत टेक्स’ देश में आयोजित सबसे बड़े वैश्विक कपड़ा कार्यक्रमों…

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रांची: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को छात्रों से समृद्ध और विकसित भारत के लिए काम करने का आग्रह किया। वह रांची में केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। मुर्मू ने छात्रों से यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे जिस भी क्षेत्र में काम करें, विकसित भारत के लिए काम करें। उन्होंने कहा, ‘‘भारत दुनिया का सबसे युवा देश है जहां 55 प्रतिशत आबादी 25 साल की उम्र से कम है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने जा रही है।…

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संगीत प्रेमी दोस्तो,आपको वो गाने याद हैं,जो बचपन में आपकी कंघी करते वक्त आपकी मम्मी गुनगुनाती थीं रेडियो के साथ? याद आये? वेरी गुड! अब इनमें से वो गाने छांट लीजिए जो आपको तब भी अच्छे लगते थे,और अब भी लगते हैं। छांटे? अब उन पर एक नज़र डालिये? कुछ फ़र्क़ महसूस हुआ? हुआ न? जानते हैं ऐसा क्यों हुआ? वो इसलिए कि वही गाने ‘पसंद’ आने के साथ साथ अब आपको ‘समझ’ भी आने लगे हैं। पीढ़ी-दर-पीढ़ी ‘पसंद’ किए जाने वाले ऐसे गानों के लिए डिक्शनरी में एक शब्द है- ‘क्लासिक!’ और ये गाने ‘क्लासिक का दर्जा’ रखते हैं।…

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 903.57 करोड़ रू० की लागत की पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के पुनर्विकास परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत नवनिर्मित भवनों सहित बिहार की 214 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 17 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही 408.68 करोड़ रू० की लागत से राज्य की 211 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 16 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। पी०एम०सी०एच० के पुनर्विकास परियोजना के द्वितीय चरण का निर्माण कार्य मार्च 2024 में प्रारंभ किया जा रहा है। तृतीय चरण का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू करने का निर्देश दिया है ताकि पुनर्विकास परियोजना को तेजी…

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महान शख्सियतों के जीवन में विडंबनाओं के एकाधिक पल अनिवार्य रुप से रहते हैं। मधुशाला के रचनाकार डॉ हरिवंश राय बच्चन के जीवन में भी थे। उनके जीवन में इसलिए थे क्योंकि वे कुछ बड़ा कर रहे थे, कुछ बड़ा रचनेवाले थे। वे रचना का यज्ञ कर रहे थे और उसमें उनकी कड़ी परीक्षा भी होनेवाली थी। यह साल 1954 का कोई महीना था। बच्चनजी कैंब्रिज से इट्स के काव्य में निगूढ़ तत्व विषय पर पीएचडी की डिग्री ले चुके थे। अपनी पीएचडी के लिए इलाहाबाद से उड़कर इंग्लैंड में दो वर्षों से अधिक का समय व्यतीत कर चुके थे।…

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दयानंद रायराष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने संस्कृति के चार अध्याय लिखी थी। वे संस्कृति के प्रकांड अध्येता और विचारक थे, इसलिए आराम से ऐसी मोटी किताब लिख डाली और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उसकी तारीफ भी की और प्रस्तावना भी लिखी। मैं चमचागिरी के चार अध्याय लिखना चाहता हूं। पढ़ा-लिखा अनपढ़ हूं इसलिए विषय चुनने और लिखने में औकात के साथ अपनी अनपढ़ता का भी ध्यान रखना पड़ता है। किसी मूर्ख व्यक्ति ने मुझसे कहा था कि मैं चमचागिरी के चार अध्याय में से एक अध्याय का शीर्षक चमचे कभी वफादार नहीं हो सकते लिखूं। मुझे अक्सर लगता रहा…

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सुशोभित 19वीं सदी के दो मेधावी-मस्तक कार्ल मार्क्स और चार्ल्स डार्विन समकालीन भी थे। वास्तव में, वर्ष 1859 में जब डार्विन की युगान्तकारी किताब ‘ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज़’ प्रकाशित हुई, उसी साल मार्क्स की भी महत्त्वपूर्ण पुस्तक ‘क्रिटीक ऑफ़ पॉलिटिकल इकोनॉमी’ आई थी। मार्क्स ने तुरंत पहचान लिया कि डार्विन ने अपनी थ्योरी में द्वंद्वात्मक, वैज्ञानिक और भौतिकवादी रीति का परिचय दिया है और एंगेल्स को पत्र लिखकर उन्होंने कहा कि यह थीसिस हमारी सोशल साइंस के लिए काम की साबित हो सकती है। डार्विन ने क्रिएशनिज़्म का खण्डन कर दिया था। उन्होंने सिद्ध कर दिया था कि ईश्वर ने मनुष्यों…

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“मालिक ने हर इंसान को इंसान बनाया। हमने उसे हिंदू या मुसलमान बनाया। कुदरत ने तो बख्शी थी हमें एक ही धरती। हमने कहीं भारत कहीं ईरान बनाया।” रफी साहब की आवाज़ में ये बहुत मार्मिक गीत मनमोहन कृष्ण जी पर ही फिल्माया गया था। लगभग चार दशक लंबे अपने करियर में मनमोहन कृष्ण जी या तो गरीब इंसान के किरदार में नज़र आए। या फिर एक जेंटलमैन और सभ्य इंसान के रूप में। चंद फिल्मों में ये पुलिस अफसर भी बने थे। आज मनमोहन कृष्ण जी का जन्मदिवस है। 26 फरवरी 1921 को लाहौर में मनमोहन कृष्ण जी का…

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