हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के टाटीझरिया प्रखंड स्थित अमनारी गांव में गुरुवार को एक पुरानी मिट्टी की दीवार ढहने के बाद ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने पूरे इलाके में कौतूहल फैला दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण संयुक्त परिवार के पुराने मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। जब परिजन मलबा हटाने लगे तो दीवार के भीतर छिपाकर रखा गया मिट्टी का एक बड़ा गगरा (घड़ा) नीचे गिरकर टूट गया। गगरा टूटते ही उसमें रखे चांदी के सिक्के आंगन में चारों ओर बिखर गए।
दीवार के भीतर वर्षों से सुरक्षित था गगरा
जानकारी के अनुसार, यह पुराना संयुक्त मकान रामचंद्र महतो, सुरेश महतो, संतोष प्रसाद (पिता–बढ़न महतो), बुधन महतो, बालेश्वर महतो तथा नंदु महतो (पिता–बैजु महतो) के परिवार का है। लगातार बारिश के कारण मकान की एक दीवार ढह गई। मलबा हटाने के दौरान दीवार के भीतर चुनवाकर रखा गया मिट्टी का गगरा बाहर आ गया और टूटने पर उसमें रखे चांदी के सिक्के बिखर गए।
सिक्के देखने उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और हर कोई दीवार के भीतर वर्षों से सुरक्षित रखे गए चांदी के सिक्कों को देखने के लिए उत्सुक नजर आया। गांव में दिनभर इस अनोखी घटना की चर्चा होती रही।
परिवार ने नहीं छुए सिक्के
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने गगरे या उसमें मिले चांदी के सिक्कों को नहीं छुआ है। समाचार लिखे जाने तक मलबा और सिक्के उसी स्थिति में पड़े थे, जिस स्थिति में दीवार गिरने के बाद मिले थे। परिवार भी इस अप्रत्याशित घटना से हैरान है।
पूर्वजों की धरोहर होने की संभावना
ग्रामीणों का मानना है कि यह गगरा कई दशक पहले परिवार के पूर्वजों द्वारा दीवार के भीतर सुरक्षित रखा गया होगा। पुराने समय में बैंकिंग सुविधाएं सीमित होने और चोरी-डकैती के डर से लोग अपनी बहुमूल्य संपत्ति, चांदी के सिक्के और आभूषण मिट्टी के बर्तनों में रखकर घर की दीवारों या जमीन के भीतर छिपा दिया करते थे। माना जा रहा है कि यह गगरा भी उसी परंपरा का हिस्सा है।
सिक्कों की उम्र और संख्या का इंतजार
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गगरे में मिले चांदी के सिक्के कितने पुराने हैं और उनकी संख्या कितनी है। गांव में इस खोज को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे पूर्वजों की धरोहर बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे ऐतिहासिक महत्व की खोज मान रहे हैं।

