रांची: रांची-रामगढ़ मार्ग (पुराना एनएच-33/नया एनएच-20) स्थित चुटूपालू घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बड़ा कदम उठाया है। घाटी में रामगढ़ की ओर जाने वाली खतरनाक ढलान वाली लेन के समानांतर पहाड़ काटकर नई फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए एनएचएआई ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और फिलहाल प्रस्तावित मार्ग का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर तकनीकी पहलुओं और अन्य बाधाओं का आकलन कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
खतरनाक ढलान बनी हादसों की वजह
चुटूपालू घाटी में रामगढ़ की ओर जाने वाली लेन में तीखी ढलान और खतरनाक मोड़ होने के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। यहां हादसों को रोकने के लिए पहले सड़क चौड़ी की गई, रबर रंबल स्ट्रिप लगाए गए और वाहनों की गति नियंत्रित करने के कई उपाय किए गए, लेकिन भारी वाहनों के अनियंत्रित होने की घटनाएं लगातार जारी हैं। सभी प्रयासों के बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आने पर अब नए एलाइनमेंट के साथ वैकल्पिक सड़क निर्माण का निर्णय लिया गया है।
जुलाई में लगातार हुए कई बड़े हादसे
जुलाई महीने में चुटूपालू घाटी में कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
- 6 जुलाई: ब्रेक फेल होने से एक ट्रेलर ने 11 वाहनों को टक्कर मार दी, जिसमें 20 से अधिक लोग घायल हुए।
- 13 जुलाई: एस्बेस्टस शीट से लदा ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
- 13 जुलाई (रात): कोयला लदे ट्रेलर का ब्रेक फेल होने से आगे चल रहे वाहन में टक्कर लगी।
- 27 जुलाई: रांची से हजारीबाग जा रही बस डिवाइडर से टकरा गई, जिससे कई यात्री घायल हुए।
- 30 जुलाई: एक ट्रक अनियंत्रित होकर कार पर पलट गया, जिसमें लोग घायल हो गए।
इसके अलावा 1 जुलाई को भी भारी सामान से लदा ट्रेलर पलटने से कई वाहन उसकी चपेट में आ गए थे।
ब्रेक फेल होने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, भारी वाहन लंबी ढलान पर लगातार ब्रेक का उपयोग करते हैं, जिससे ब्रेक पैड और ड्रम अत्यधिक गर्म हो जाते हैं। इसके कारण ब्रेक फेल होने की आशंका बढ़ जाती है और वाहन चालक नियंत्रण खो देते हैं। यही वजह है कि चुटूपालू घाटी में अधिकांश हादसे ब्रेक फेल होने के कारण हो रहे हैं।
नए एलाइनमेंट को बताया सबसे बेहतर विकल्प
पथ निर्माण विभाग के सेंट्रल डिजाइन ऑर्गेनाइजेशन के पूर्व मुख्य अभियंता सत्येंद्र सिंह के अनुसार, चुटूपालू घाटी में दुर्घटनाओं को स्थायी रूप से रोकने के लिए नए एलाइनमेंट पर वैकल्पिक सड़क बनाना सबसे प्रभावी उपाय है। उनका कहना है कि ढलान कम करने के लिए सड़क की लंबाई बढ़ानी पड़ती है, लेकिन वर्तमान भूगोल में यह संभव नहीं है। ऐसे में पहाड़ काटकर नई चौड़ी सड़क का निर्माण ही सबसे व्यवहारिक और सुरक्षित विकल्प है।

