रांची: झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजधानी रांची का जयपाल सिंह स्टेडियम आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है। सैकड़ों अभ्यर्थी यहां अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठ गए हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर शुरू हुए इस आंदोलन में छात्र तंबू, बिस्तर और रोजमर्रा का सामान लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि लगातार भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही कथित अनियमितताओं से हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
आंदोलन में रांची के अलावा रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे हैं। धरना स्थल पर महिला अभ्यर्थियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- जेपीएससी में कथित अनियमितताओं की सीबीआई और ईडी से जांच।
- 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई।
- जेपीएससी और जेएसएससी के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई।
- भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आजसू छात्र संघ ने भी दिया समर्थन
इस आंदोलन के समर्थन में आजसू छात्र संघ ने भी रैली निकालकर राजभवन तक मार्च किया। छात्र नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
धरना पर बैठे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रहेगा।

