रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की नियुक्ति परीक्षाओं में कट-ऑफ अंक जारी करने की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग अधिकांश परीक्षाओं में अंतिम परिणाम घोषित कर देता है, लेकिन कट-ऑफ अंक काफी बाद में जारी किए जाते हैं। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई मामलों में अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है।
26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति बनी सबसे बड़ा उदाहरण
कट-ऑफ को लेकर सबसे अधिक चर्चा 26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा को लेकर है। आयोग ने अगस्त 2023 में आवेदन आमंत्रित किए थे और वर्ष 2024 में परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद 2025 से चरणबद्ध तरीके से परिणाम जारी किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक अंतिम परिणाम पूरी तरह जारी नहीं हो सका है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 16 फरवरी 2026 को कट-ऑफ अंक जारी किए गए। तब तक आयोग लगभग 5,000 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा कर चुका था।
800 माध्यमिक सहायक आचार्यों की अनुशंसा, लेकिन पूरी जानकारी नहीं
वर्तमान में 1,373 माध्यमिक सहायक आचार्य पदों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। आयोग अब तक 800 से अधिक पदों पर परिणाम जारी कर शिक्षा विभाग को नियुक्ति की अनुशंसा कर चुका है। विभाग अगले महीने नियुक्ति पत्र वितरित करने की तैयारी में है।
हालांकि, आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि 23 विषयों में से किन-किन विषयों का अंतिम परिणाम जारी हुआ है और किन विषयों के कितने अभ्यर्थियों का परिणाम लंबित है। आयोग केवल इतना बता रहा है कि कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम आवश्यक प्रमाणपत्रों या दस्तावेजों की अनुपलब्धता अथवा अस्पष्टता के कारण रोका गया है।
अधिक अंक होने के बावजूद चयन नहीं होने का दावा
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके अंक संबंधित श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक हैं, फिर भी उनकी नियुक्ति की अनुशंसा नहीं की गई। अभ्यर्थियों ने आयोग को इस संबंध में दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला कि चयन सूची से उन्हें बाहर क्यों रखा गया।
कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं—
| अभ्यर्थी | संबंधित कट-ऑफ | अभ्यर्थी के अंक |
|---|---|---|
| आकांक्षा कुमारी | 188 | 227 |
| दयानंद प्रसाद | 188 | 189.64 |
| विशाल प्रसाद | 260.01 | 263.50 |
| उत्तम कुमार | 260.01 | 266 |
| इंदू कुमारी तिर्की | 204.18 | 245.09 |
| रंजन कुमार | 283.28 | 305.15 |
| भरत कुंभकार | 283.28 | 316.37 |
| मनोज महतो | 283.28 | 302.06 |
| गौरी शंकर वर्मा | 269.84 | 283.28 |
| जय प्रकाश ठाकुर | 283.28 | 286.78 |
| पुष्पलता एक्का | 204.18 | 227.59 |
| उषा कुमारी | 204.18 | 223.60 |
आयोग से पूछे गए सवाल
इस मुद्दे पर आयोग से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- अधिकांश परीक्षाओं में कट-ऑफ परिणाम के साथ क्यों जारी नहीं किया जाता?
- कट-ऑफ जारी होने के बाद अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों के चयन नहीं होने की स्थिति क्यों बनती है?
- सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले कई अभ्यर्थियों की अनुशंसा क्यों नहीं की गई?
इन सवालों पर जेएसएससी के सचिव ने कहा कि मामला परीक्षा से संबंधित है और वह वर्तमान में बाहर हैं। अध्ययन करने के बाद विस्तृत जवाब दिया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से जारी होता रहा परिणाम
26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा का परिणाम कई चरणों में जारी किया गया—
- 19 जुलाई 2025 – पहली चयन सूची जारी
- 1 अगस्त 2025 – संशोधित परिणाम
- 30 अगस्त 2025 – पुनः संशोधित परिणाम
- 7 नवंबर 2025 – अतिरिक्त परिणाम
- 12 दिसंबर 2025 – एक और परिणाम जारी
- 6 फरवरी 2026 – पुनः परिणाम प्रकाशित
- 16 फरवरी 2026 – हाईकोर्ट के आदेश के बाद कट-ऑफ जारी
पारदर्शिता की मांग तेज
अभ्यर्थियों की मांग है कि जेएसएससी भविष्य में अंतिम परिणाम, प्राप्तांक और कट-ऑफ अंक एक साथ जारी करे, ताकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विवादमुक्त हो सके। उनका कहना है कि इससे अनावश्यक विवाद और न्यायालय में जाने की नौबत भी नहीं आएगी।

