नई दिल्ली/रांची: झारखंड सरकार की ओर से नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम के बीच राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अनुपस्थिति राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह रही कि वित्त मंत्री उस समय दिल्ली में ही मौजूद थे, लेकिन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
वित्त मंत्री बोले- कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी गई
मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उन्हें नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, “मैं पिछले दो दिनों से रांची में नहीं हूं। कार्यक्रम से संबंधित कोई पत्र या सूचना मुझे नहीं मिली है।”
हालांकि, कार्यक्रम में कांग्रेस कोटे से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी शामिल हुए। वहीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश से की मुलाकात
दिल्ली प्रवास के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश से कांग्रेस मुख्यालय में मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान संगठन और सरकार के बीच समन्वय सहित विभिन्न राजनीतिक विषयों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने बताया कि संगठन बेहतर तरीके से कार्य कर रहा है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विकास योजनाओं को गति देने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन दलों के घोषणा पत्र और नीतियों को सामूहिक रूप से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
विभागीय सचिव के जवाब का अब भी इंतजार
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हाल ही में सरकारी वाहन वापस करने को लेकर विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह द्वारा जारी पत्र पर आपत्ति जताई थी। इस संबंध में उन्होंने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था।
उन्होंने बताया कि अब तक विभाग की ओर से उनके पत्र का कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर चर्चा बनी हुई है।

