रांची: रिम्स-2 परियोजना को लेकर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता मृदुल राज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी जनहित से जुड़े विकास कार्यों में बाधा डालने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब भी झारखंड में आम लोगों से जुड़ी कोई बड़ी विकास परियोजना शुरू होती है, भाजपा उसे रोकने के लिए नए-नए तरीके तलाशने लगती है। उनका आरोप है कि अब रिम्स-2 जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को प्रभावित करने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग जैसी संवैधानिक संस्था का भी राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
भाजपा से पूछे कई सवाल
मृदुल राज ने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि आखिर उसका विरोध किससे है—झारखंड के गरीब मरीजों से, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से या राज्य के विकास से। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना से लाखों लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, उसे विवादों में घसीटना जनहित के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की आपत्तियां इतनी गंभीर हैं, तो केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक उनका समाधान क्यों नहीं किया गया।
संवैधानिक संस्थाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि आयोग की आपत्तियों का उपयोग केवल झारखंड सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र की मजबूती का आधार होती हैं और उनका राजनीतिक इस्तेमाल लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
मृदुल राज ने कहा कि भाजपा हर उस योजना का विरोध करती है, जिससे झारखंड को मजबूती मिले, आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़े। उनके अनुसार यह विकास की राजनीति नहीं, बल्कि विकास को रोकने की राजनीति है।
पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है रिम्स-2 परियोजना
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड सरकार संविधान और कानून के दायरे में पूरी पारदर्शिता के साथ रिम्स-2 परियोजना को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से जनहित से जुड़ी योजनाओं में सहयोग करने की अपील की।
मृदुल राज ने कहा कि भाजपा को यह तय करना होगा कि वह झारखंड के विकास के साथ खड़ी है या विकास में बाधा डालने वालों के साथ। उन्होंने दावा किया कि रिम्स-2 परियोजना हर हाल में बनेगी, क्योंकि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि झारखंड के करोड़ों लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य का मुद्दा है।

