रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में 6 से 10 जुलाई तक ‘इमर्जिंग ट्रेंड्स इन स्टैटिस्टिकल एंड मशीन लर्निंग 2026’ विषय पर पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक संगणकीय और सांख्यिकीय तकनीकों का व्यापक विश्लेषण करना तथा प्रतिभागियों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर दक्ष बनाना है।
कार्यशाला के दौरान सांख्यिकी के सैद्धांतिक आधार और आधुनिक मशीन लर्निंग तकनीकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों की गहन समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
डेटा साइंस और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
कार्यशाला की अध्यक्ष प्रो. वंदना भट्टाचार्जी ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स एंड डेटा साइंस विभाग की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गणित, सांख्यिकी और डेटा साइंस के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ नवीन संगणकीय तकनीकों और उनके वास्तविक जीवन में उपयोग पर अपने विचार साझा करेंगे।
कई विशेषज्ञ देंगे व्याख्यान
कार्यशाला में प्रो. प्रदीप्त माजी, प्रो. माइकल इवांस, डॉ. अरिंदम चटर्जी, डॉ. दुर्बा भट्टाचार्य, डॉ. सुमन गुहा, डॉ. अपराजिता खान, डॉ. बुद्धानंद बनर्जी, डॉ. नबाकुमार जाना और डॉ. सुभजीत दत्ता सहित कई विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे।
इन विशेषज्ञों के सत्रों में मशीन लर्निंग, डेटा विश्लेषण और आधुनिक संगणकीय तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग पर विशेष चर्चा होगी।
आईआईटी खड़गपुर के डीन होंगे मुख्य अतिथि
आयोजन समिति के सदस्य डॉ. मनीष के. पांडे, डॉ. पुष्कल कुमार, डॉ. अश्कामिनी और डॉ. सुमन महापात्र ने बताया कि कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि आईआईटी खड़गपुर के डीन (फैकल्टी अफेयर्स) प्रो. सोमेश कुमार होंगे।
अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा नया मंच
यह कार्यशाला अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन और बीआईटी मेसरा के सहयोग से आयोजित की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, यह केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड में गणित, सांख्यिकी और डेटा साइंस के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच भी साबित होगी।

