रांची : रांची में झारखंड पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत कुल 25 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है।
इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में इनामी, कैडर पुरुष और महिला सदस्य शामिल हैं। इस पूरे ऑपरेशन में चाईबासा एसपी अमित रेणु, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भारी मात्रा में हथियार भी सौंपे गए
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने अपने पास मौजूद भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद पुलिस को सौंप दिए। बरामद हथियारों में इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन राइफल और एक पिस्टल शामिल है।
इसके अलावा 31 मैगजीन और 2987 राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे गए हैं, जिसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सरेंडर करने वाले प्रमुख नक्सली
पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कई नाम शामिल हैं, जिनमें सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल, गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, दर्शन हांसदा, सुलेमान हांसदा, बैजनाथ मुंडा सहित कुल 25 नक्सली शामिल हैं।
इनमें कई नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और विभिन्न जिलों में नक्सली गतिविधियों में शामिल बताए जाते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सरेंडर नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है। आत्मसमर्पण कराने में लगातार चलाए गए अभियान, जागरूकता और पुनर्वास नीति की अहम भूमिका रही।
झारखंड पुलिस का कहना है कि आगे भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे अभियान तेज किए जाएंगे, ताकि बाकी बचे नक्सलियों को भी मुख्यधारा में लाया जा सके।

