गोड्डा : झारखंड के गोड्डा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मकुंदी दिकवानी गांव में तीन साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृत बच्ची की पहचान निशा सोरेन के रूप में हुई है, जो गांव निवासी रमेश सोरेन की बेटी थी। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर निशा अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। पहले परिवार वालों ने आसपास तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो गांव के लोग भी खोजबीन में जुट गए।
संदिग्ध युवक के बोरे से मिला बच्ची का शव
देर रात तक तलाश जारी रही, तभी गांव के कुछ लोगों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध हालत में बोरी लेकर जा रहा था। ग्रामीणों को उसके व्यवहार पर शक हुआ और उन्होंने उसे रोक लिया। जब बोरी की तलाशी ली गई तो अंदर मासूम निशा का शव मिला।
यह दृश्य देखते ही गांव में सनसनी फैल गई। मासूम का शव बोरे में मिलने की खबर से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को पकड़कर पीटा
ग्रामीणों ने मौके पर ही आरोपी प्रेम मुर्मू को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि पिटाई के दौरान उसने इस घटना में एक अन्य युवक जर्मन सोरेन का नाम लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने दूसरे आरोपी को भी पकड़ लिया और उसकी भी पिटाई कर दी।
दोनों आरोपियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को भीड़ से छुड़ाकर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा।
हत्या की वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस
पुलिस ने मासूम बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मुफ्फसिल थाना प्रभारी आनंद कुमार साहा ने बताया कि दोनों आरोपी बच्ची के पड़ोसी हैं। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

