रांची : झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में सियासी तापमान बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अब हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी को लेकर पार्टी की कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने और बड़े जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक में बीजेपी नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई। पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष बढ़ रहा है और इसे संगठनात्मक स्तर पर मजबूत आंदोलन में बदला जा सकता है।
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर
कोर कमेटी की बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत और सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि सरकार की कथित विफलताओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जिला, मंडल और प्रखंड स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी सिर्फ प्रेस बयान या विरोध तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क पर उतरकर जनहित के मुद्दों को लेकर व्यापक अभियान चलाएगी। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का संदेश दिया।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी बीजेपी
बीजेपी जिन प्रमुख मुद्दों को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है, उनमें राज्य में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार के आरोप, युवाओं की बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, किसानों की समस्याएं और विकास योजनाओं में कथित लापरवाही शामिल हैं।
बैठक में नेताओं ने कहा कि विपक्ष की भूमिका सिर्फ सदन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर संघर्ष तेज करना जरूरी है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल
बीजेपी की इस रणनीति से साफ संकेत मिल रहे हैं कि झारखंड में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। पार्टी अब राज्य सरकार को हर स्तर पर घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और आंदोलन का दौर और तेज होने की संभावना है।

