चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत के बाद भी वन विभाग अब तक हाथियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाया है। ताजा मामला गुवा थाना क्षेत्र के नुईया गांव से सामने आया है, जहां रविवार सुबह चार हाथियों का झुंड गांव के पास पहुंच गया।
खदान क्षेत्र के पास दिखा हाथियों का झुंड
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे सीडीएन रुंगटा की बंद पड़ी खदान और आधुनिक कंपनी की खदान के आसपास चार हाथियों को विचरण करते देखा गया। गांव के नजदीक अचानक हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार हाथियों का झुंड इस क्षेत्र में पहुंच चुका है।
हाथियों का पारंपरिक रास्ता है यह इलाका
ग्रामीणों के अनुसार यह क्षेत्र हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्ग यानी कॉरिडोर में आता है। इसी कारण यहां अक्सर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। लोग हमेशा सतर्क रहते हैं, लेकिन अचानक हाथियों के दिखने से अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है।
वन विभाग मौके पर पहुंचा
हाथियों की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को जानकारी दी। इसके बाद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके के लिए रवाना हुए। टीम हाथियों की निगरानी कर उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने में जुटी है।
ग्रामीणों को जारी की गई चेतावनी
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और हाथियों के पास जाने की कोशिश न करें। साथ ही अकेले जंगल या खदान क्षेत्र की ओर न जाने की सलाह दी गई है। बच्चों और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में जनहानि और संपत्ति नुकसान जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

