बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में 28 पुलिसकर्मियों के निलंबन को लेकर विवाद गहरा गया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया है और एसपी को हटाने की मांग उठाई है।
एसोसिएशन का विरोध, कार्रवाई पर सवाल
एसोसिएशन का कहना है कि पूरे मामले में चूक उच्च स्तर पर हुई है, लेकिन जिम्मेदारी से बचने के लिए थाना स्तर के 28 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। संगठन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
बहाली और एसपी हटाने की मांग
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि संगठन अपने सदस्यों के अधिकारों के लिए हर स्तर तक संघर्ष करेगा। उन्होंने मांग की कि सभी निलंबित पुलिसकर्मियों को तत्काल बहाल किया जाए और बोकारो के एसपी को हटाया जाए।
ट्रांसफर-पोस्टिंग में पारदर्शिता की मांग
संगठन ने जिले में ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिन्हें लेकर वे डीजीपी और आईजी से मिलकर विस्तृत चर्चा करेंगे।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 24 जुलाई 2025 का है, जब एक युवती के लापता होने की सूचना उसकी मां ने थाने में दी थी। हालांकि, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में करीब 10 दिनों की देरी हुई।
प्रारंभिक जांच के लिए थाना प्रभारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन समीक्षा में सामने आया कि टीम ने निर्देशों का पालन सही तरीके से नहीं किया।
एसपी के अनुसार जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष कमजोर पड़ रहा था।
बढ़ सकता है विवाद
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। एसोसिएशन के विरोध के बाद यह विवाद और गहरा सकता है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है।

