रांची: झारखंड में रियल एस्टेट सेक्टर को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने राज्य के 77 बिल्डरों पर कुल 83.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी बिल्डरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा उनके खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट नहीं देने पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई उन बिल्डरों के खिलाफ की गई है जिन्होंने समय पर अपनी क्वार्टर रिपोर्ट जमा नहीं की और समन जारी होने के बावजूद सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
106 बिल्डरों को भेजा गया था नोटिस
रेरा के चेयरमैन विरेंद्र भूषण ने बताया कि कार्रवाई से पहले राज्यभर के 106 बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया था। इनमें से केवल 2 बिल्डरों ने जुर्माना जमा किया, जबकि 27 बिल्डरों तक नोटिस पहुंच ही नहीं पाया। बाकी बिल्डरों ने न तो कोई जवाब दिया और न ही सुनवाई में शामिल हुए।
हर क्वार्टर में देनी होती है प्रोग्रेस रिपोर्ट
नियमों के अनुसार, आठ या उससे अधिक फ्लैट वाले हर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के बाद बिल्डरों को प्रत्येक तिमाही में प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट, वित्तीय स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी प्राधिकरण को उपलब्ध करानी होती है।
रिपोर्ट जमा नहीं करने पर प्रति क्वार्टर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
आधे से ज्यादा प्रोजेक्ट ने नहीं दी रिपोर्ट
राज्य में करीब 1100 रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक ने अब तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने सख्ती बढ़ा दी है और अब ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से भी समन भेजे जा रहे हैं।
पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम
रेरा की इस कार्रवाई को रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे नियमों का पालन सुनिश्चित करने और खरीदारों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।

