रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में सुखदेव नगर थाना में केस दर्ज कराया गया है।
शिकायतकर्ता दीवान मिढ़ा ने एक दंपती पर खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
विश्वास जीतकर की ठगी
आरोप है कि आरोपी अरुण कुमार और उसकी पत्नी ने खुद को बड़े नेताओं और अधिकारियों से जुड़ा बताकर पीड़ित परिवार का विश्वास जीता। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के नाम पर कंबल वितरण का बहाना बनाकर करीब 1000 कंबल भी ले लिए।
NRI कोटे में एडमिशन का झांसा
दंपती ने पीड़ित की बेटी का रिम्स में पीजी मैनेजमेंट के एनआरआई कोटे से दाखिला कराने का वादा किया। इसके बदले पहले 15 लाख रुपये नकद लिए गए।
इसके बाद स्टेट गेस्ट हाउस, सर्किट हाउस और रिम्स परिसर में बुलाकर करीब एक करोड़ रुपये और 995 ग्राम सोना भी ठग लिया गया। पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट जैसे सबूत होने का दावा किया है।
इलाज के नाम पर भी वसूली
मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित की बहन की तबीयत खराब होने पर आरोपियों ने एयर एंबुलेंस और ऑपरेशन के नाम पर और पैसे ऐंठ लिए। पीड़ित ने अपनी संपत्ति और गहने तक सौंप दिए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
धमकी और साजिश के आरोप
जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। यहां तक कि गाड़ी में नशीला पदार्थ रखकर फंसाने की साजिश का भी आरोप लगाया गया है।
असली पहचान का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी का असली नाम तनवीर अख्तर है, जो अरुण कुमार के नाम से पहचान छुपा रहा था। उसकी पत्नी का नाम आइशा बताया गया है।
दोनों पर सरकारी प्रभाव का झूठा दिखावा कर लोगों को ठगने का आरोप है।
पुलिस जांच जारी
पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ठगी गई राशि व सोने की बरामदगी की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

