हजारीबाग : हजारीबाग की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा सांसद मनीष जायसवाल और विधायक प्रदीप प्रसाद के बीच का विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। दोनों नेताओं ने एक साथ सामने आकर स्पष्ट किया कि अब उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है।
“शकुनि मामा” की वजह से बढ़ा विवाद
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच किसी “शकुनि मामा” ने खेल खेला था, जिसकी वजह से विवाद बढ़ गया। उन्होंने कहा कि अब ऐसे व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और भविष्य में इस तरह के लोगों से दूरी बनाकर रखी जाएगी।
बताया जा रहा है कि हजारीबाग क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया था। मामला इतना बढ़ गया कि भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भी इसकी चर्चा होने लगी।
“गलतफहमी थी, अब सब सामान्य”
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि कुछ बातों को लेकर दोनों नेताओं के बीच गलतफहमी हो गई थी। अब सभी बातें साफ हो चुकी हैं और आगे दोनों मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए पहले की तरह काम करेंगे।
उन्होंने यह भी माना कि कुछ लोगों की बातों में आने से स्थिति बिगड़ गई थी।
बयानबाजी से गरमाई थी राजनीति
दोनों नेताओं के बीच विवाद उस समय ज्यादा चर्चा में आया था, जब विधायक प्रदीप प्रसाद ने सांसद मनीष जायसवाल को “धृतराष्ट्र” कहकर टिप्पणी की थी और कहा था कि “हस्तिनापुर बचा लीजिए।”
इसके जवाब में सांसद मनीष जायसवाल ने भी प्रदीप प्रसाद को “उदंड” तक कह दिया था। दोनों नेताओं के तीखे बयानों से हजारीबाग की राजनीति काफी गरमा गई थी और मामला दिल्ली तक पहुंच गया था।
भाजपा संगठन ने कराया समझौता
भाजपा संगठन ने पूरे विवाद को गंभीरता से लेते हुए प्रशिक्षण शिविर के दौरान दोनों नेताओं को साथ बैठाकर बातचीत कराई। इसके बाद दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अब उनके बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है।
भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने कहा कि पार्टी में अब सबकुछ सामान्य है। सभी नेता मिलकर संगठन और क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और सभी नेता एकजुट हैं।

