पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के कार्यक्रम के बीच राज्य में सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
एनडीए के 5 दल मिलकर करेंगे फैसला
राज्य सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का चयन किसी एक दल का निर्णय नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पांचों सहयोगी दल मिलकर अपने नेता का चुनाव करेंगे।
उन्होंने बताया कि सभी सहयोगी दलों के विधायक एक साथ बैठेंगे, प्रस्ताव रखे जाएंगे और सर्वसम्मति से नए नेता का चयन किया जाएगा। वही नेता बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनेगा।
‘कुछ ही दिनों में होगा फैसला’
विजय चौधरी ने संकेत दिया कि यह फैसला जल्द ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ दिनों की बात है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं।
दिल्ली और पटना में बैठकों का दौर
नीतीश कुमार के दिल्ली पहुंचने पर जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। वहीं, सूत्रों के मुताबिक दिल्ली और पटना दोनों जगहों पर लगातार बैठकों का दौर जारी है, जहां सत्ता परिवर्तन की रणनीति पर चर्चा हो रही है।
नए चेहरे या अनुभवी नेता पर दांव?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एनडीए किसी नए चेहरे को मौका देगा या किसी अनुभवी नेता को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
फिलहाल राज्य में सियासी सस्पेंस बरकरार है और आने वाले दिनों में बिहार को नया नेतृत्व मिलने की संभावना है।
