रांची: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को पूरे झारखंड को कवर कर लिया, जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने एक और दो जुलाई को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
मेदिनीनगर में सबसे अधिक बारिश
मंगलवार को राज्य में सबसे अधिक 67.4 मिलीमीटर वर्षा मेदिनीनगर में दर्ज की गई। वहीं राजधानी रांची में 20 मिलीमीटर और चाईबासा में 14 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मानसून के सक्रिय होने से अधिकांश जिलों में मौसम सुहावना हो गया।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 जुलाई को देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, धनबाद, लोहरदगा, गुमला, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
इसके साथ ही इन क्षेत्रों में वज्रपात की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
रांची के तापमान में 5.5 डिग्री की गिरावट
बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान सोमवार की तुलना में 5.5 डिग्री सेल्सियस गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
3 से 5 जुलाई तक कम होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 3 से 5 जुलाई के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि इस दौरान कुछ इलाकों में मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद 6 जुलाई से झारखंड के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
जून में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 30 जून के बीच पूरे झारखंड में सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं रांची में इस अवधि के दौरान सामान्य 197.6 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 146.9 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य से 26 प्रतिशत कम है।
सबसे चिंताजनक स्थिति दुमका जिले की रही, जहां पूरे जून महीने में एक भी मिलीमीटर बारिश दर्ज नहीं की गई।

