रांची : झारखंड कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय आनंदराव लाठकर को केंद्र सरकार ने डीजी रैंक में इंपैनल किया है। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में देशभर के 33 आईपीएस अधिकारियों को इस सूची में शामिल किया गया है।
इंपैनल अधिकारियों की सूची में वर्ष 1990, 1991, 1994 और 1995 बैच के आईपीएस अधिकारियों को स्थान दिया गया है। इस उपलब्धि के साथ संजय आनंदराव लाठकर झारखंड से इस सूची में शामिल होने वाले एकमात्र अधिकारी बने हैं।
झारखंड से एकमात्र अधिकारी को मिली जगह
केंद्र सरकार द्वारा जारी सूची में झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें झारखंड कैडर से केवल संजय आनंदराव लाठकर का नाम शामिल है।
वर्तमान में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर परमाणु ऊर्जा विभाग में अतिरिक्त महानिदेशक सुरक्षा के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे झारखंड में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ऑपरेशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
लंबा और व्यापक प्रशासनिक अनुभव
संजय आनंदराव लाठकर का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा है। एकीकृत बिहार के दौरान उन्होंने भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद और गुमला जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया।
झारखंड राज्य गठन के बाद उन्होंने गिरिडीह, धनबाद और जमशेदपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वे रेल धनबाद के पुलिस अधीक्षक भी रह चुके हैं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में निभाई अहम भूमिका
जिलों में सेवा देने के बाद वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने झारखंड सेक्टर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में चार वर्षों तक महानिरीक्षक के रूप में कार्य किया।
इसके बाद झारखंड लौटने पर उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने करीब चार वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में वे परमाणु ऊर्जा विभाग में सुरक्षा संबंधी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
डीजी रैंक इंपैनलमेंट को माना जा रहा बड़ी उपलब्धि
पुलिस सेवा में डीजी रैंक के लिए इंपैनलमेंट को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। यह वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है। संजय आनंदराव लाठकर का डीजी रैंक में इंपैनल होना झारखंड कैडर के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
