जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बहुप्रतीक्षित ग्रेड रिवीजन समझौते को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता का दौर जारी है। हालांकि हालिया बैठक में कई भत्तों पर सकारात्मक चर्चा हुई, लेकिन मिनिमम गारंटीड बेनिफिट (एमजीबी) के मुद्दे पर अभी तक दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है।
ग्रेड रिवीजन वार्ता में एमजीबी सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। यूनियन कर्मचारियों के लिए बेहतर आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि प्रबंधन वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपना पक्ष रख रहा है। यही वजह है कि इस मुद्दे पर अंतिम सहमति बनने में अभी समय लग सकता है।
एचआरए और नाइट शिफ्ट अलाउंस पर सकारात्मक संकेत
बैठक के दौरान कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से हाउस रेंट अलाउंस और नाइट शिफ्ट अलाउंस में बढ़ोतरी को लेकर दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
इसके अलावा अन्य भत्तों में संशोधन और बढ़ोतरी के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों के अनुसार कई बिंदुओं पर सहमति बनने की दिशा में प्रगति हुई है, जिससे कर्मचारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
कर्मचारियों की नजर अगले दौर की वार्ता पर
टाटा स्टील के कर्मचारियों को लंबे समय से ग्रेड रिवीजन समझौते का इंतजार है। बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए कर्मचारी वेतन और भत्तों में संतोषजनक वृद्धि की उम्मीद लगाए हुए हैं।
इसी कारण यूनियन और प्रबंधन के बीच होने वाली प्रत्येक बैठक पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है। कर्मचारियों का मानना है कि ग्रेड रिवीजन समझौता जल्द अंतिम रूप लेने से उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिलेगी।
जल्द निकल सकता है समाधान
हालांकि एमजीबी के मुद्दे पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है, लेकिन अन्य भत्तों को लेकर हुई सकारात्मक प्रगति को वार्ता के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी बैठकों में शेष मुद्दों का समाधान निकालकर ग्रेड रिवीजन समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों को अब अगले दौर की वार्ता का इंतजार है, जहां एमजीबी समेत बाकी महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णायक चर्चा होने की संभावना है।

