रांची : झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में वृद्धि की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक अतिरिक्त सीट पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इस योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
रिम्स में सीटें बढ़ाने का लक्ष्य
विभाग द्वारा रिम्स को ऐसा प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है, जिसके तहत स्नातक सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 की जा सके। वहीं स्नातकोत्तर सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 और सुपर स्पेशियलिटी सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए भवन, उपकरण, शिक्षण संसाधन, अस्पताल सुविधाएं और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विस्तृत खाका तैयार कर शासी परिषद के एजेंडा में शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
एमजीएम और एसएनएमएमसीएच को मिल चुकी है मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इसी योजना के तहत महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर में स्नातक सीटों को 150 से बढ़ाकर 250 तथा स्नातकोत्तर सीटों को 49 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है।
इसके अलावा शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, धनबाद में स्नातक सीटों को 100 से बढ़ाकर 250 और स्नातकोत्तर सीटों को 19 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।
रिम्स-टू के लिए बनेगी नई रणनीति
राज्य सरकार ने प्रस्तावित रिम्स-टू परियोजना के लिए भी नई रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया है। सरकार ने तय किया है कि छात्रावास निर्माण प्रत्यक्ष सरकारी व्यय के बजाय पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत कराया जाएगा।
इसके लिए भारत सरकार के वायबिलिटी गैप फंड से अनुदान प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य पर वित्तीय बोझ कम होगा और निजी क्षेत्र की भागीदारी से छात्रावासों के संचालन, रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
पुराने छात्रावासों के उन्नयन पर भी जोर
स्वास्थ्य विभाग ने रिम्स प्रशासन को वर्तमान में उपलब्ध छात्रावासों के उन्नयन, रखरखाव और भविष्य की आवश्यकताओं का आकलन करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही बढ़ती छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए नए छात्रावासों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल सीटों में वृद्धि होने से झारखंड में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय छात्रों को भी चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

