डेस्क: उत्तर प्रदेश के नोएडा में 13 अप्रैल को हुई हिंसा के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ इसके तार अब झारखंड से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस जांच में इस घटना के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका जताई गई है, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर्स की भूमिका सामने आने का दावा किया जा रहा है।

झारखंड के युवकों पर साजिश का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले के कथित मास्टरमाइंड के रूप में जमशेदपुर और हजारीबाग के युवकों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन्होंने पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर हिंसा भड़काने की साजिश रची।

रेकी और संगठन बनाने की योजना

पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने 31 मार्च को नोएडा पहुंचकर सेक्टर-14 सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों की रेकी की थी। इसके बाद “मजदूर बिगुल दस्ता” के नाम से कर्मचारियों को संगठित करने का प्रयास किया गया।

बताया जा रहा है कि क्यूआर कोड के जरिए बड़े पैमाने पर व्हाट्सऐप समूह बनाए गए, जिनमें सैकड़ों लोगों को जोड़ा गया।

सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने का आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया मंच पर फर्जी सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। कुछ खातों से पुलिस कार्रवाई में कई लोगों की मौत और घायल होने की झूठी खबरें प्रसारित की गईं।

रिपोर्ट के अनुसार, इन खातों के आईपी एड्रेस और वीपीएन पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। अब एटीएस इस कथित कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।

मुख्य आरोपी फरार, कार्रवाई तेज

पुलिस जांच में एक आरोपी की भूमिका को अहम बताया गया है, जिसने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण भी दिए थे। साथियों की गिरफ्तारी के बाद वह पहचान छिपाकर फरार हो गया है।

पुलिस उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई और बैंक खातों को फ्रीज करने की तैयारी में है।

जांच एजेंसियां सक्रिय

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न एजेंसियां जांच में जुटी हैं। पूरे घटनाक्रम के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और साजिश के पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

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