कॉमनवेल्थ देशों के बीच एकता का प्रतीक है कॉमनवेल्थ डे
कॉमनवेल्थ डे हर साल कॉमनवेल्थ देशों के बीच एकता, सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिवस सदस्य देशों के बीच आपसी समझ, शांति और सामूहिक विकास के संदेश को बढ़ावा देता है।
कॉमनवेल्थ डे के अवसर पर विभिन्न देशों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, चर्चाएं और विशेष आयोजन किए जाते हैं। इस दिन कॉमनवेल्थ परिवार से जुड़े देशों के साझा इतिहास और मूल्यों को याद किया जाता है।
पहले ‘एम्पायर डे’ के रूप में मनाया जाता था यह दिवस
इतिहास के अनुसार पहले इस दिन को “एम्पायर डे” के नाम से मनाया जाता था। इसे महारानी विक्टोरिया की जयंती के रूप में आयोजित किया जाता था।
बाद में बदलते समय और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इसका नाम बदलकर कॉमनवेल्थ डे कर दिया गया। इसके बाद इस दिवस का उद्देश्य केवल ब्रिटिश साम्राज्य तक सीमित न रहकर सदस्य देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना हो गया।
शांति, समानता और विकास का संदेश
कॉमनवेल्थ डे लोगों को शांति, समानता और सामूहिक विकास का संदेश देता है। यह दिन विभिन्न देशों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विचारों को समझने का अवसर भी प्रदान करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में वैश्विक सहयोग और सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय दिवस महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

