रांची : असम विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की जनता के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि असम की महान जनता को जोहार और हृदय से धन्यवाद। उन्होंने कहा कि सीमित समय और संसाधनों के बावजूद जो भी प्रयास किया गया, वह जनता के सहयोग, विश्वास और सक्रिय भागीदारी के कारण ही संभव हो सका।
जनता का समर्थन बना ताकत और प्रेरणा
हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि चुनावी संघर्ष के दौरान लोगों ने जिस तरह साथ दिया, वह सराहनीय है और पार्टी के लिए हौसला बढ़ाने वाला है। उन्होंने इसे शक्ति, प्रेरणा और नई ऊर्जा का स्रोत बताया।
राजनीतिक विस्तार से आगे की सोच
झारखंड मुक्ति मोर्चा का असम में चुनाव लड़ने का निर्णय केवल राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं था। पार्टी ने इसे आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हक, सम्मान और पहचान की लड़ाई को मजबूत आवाज देने का प्रयास बताया।
असम में आदिवासी समुदाय से जुड़े कई गंभीर मुद्दे—जैसे अनुसूचित जनजाति का दर्जा, चाय बागान मजदूरों को उचित मजदूरी और जमीन के अधिकार—इस चुनावी अभियान के केंद्र में रहे।
सीमित संसाधनों में मजबूत उपस्थिति
बिना किसी बड़े गठबंधन और सीमित संसाधनों के बावजूद झामुमो ने 16 सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी को 2 सीटों पर दूसरे स्थान और 7 सीटों पर 15 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए, जिसे संगठन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगा संघर्ष
हेमंत सोरेन ने कहा कि यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं, बल्कि अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता के समर्थन के साथ यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा और आने वाले समय में संगठन और मजबूत होगा।

