रांची : राजधानी रांची में बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए बिजली विभाग ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के तीन प्रमुख ग्रिड स्टेशन नामकुम, कांके और हटिया की क्षमता बढ़ाई जाएगी। विभाग का मानना है कि इस अपग्रेड के बाद राजधानीवासियों को बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी।
रांची में तेजी से बढ़ती आबादी, नए अपार्टमेंट, कॉलोनियों और व्यावसायिक भवनों के निर्माण के कारण बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से शहर के कई इलाकों में बिजली ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। इसके चलते ओवरलोडिंग और फॉल्ट की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
तीन प्रमुख ग्रिड स्टेशनों का होगा अपग्रेड
बिजली विभाग की योजना के तहत नामकुम, कांके और हटिया ग्रिड स्टेशनों में लगे ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में हटिया और नामकुम ग्रिड में 50 एमवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर कार्यरत हैं। विभाग अब इन्हें 80 एमवीए क्षमता में अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ने से बिजली आपूर्ति प्रणाली अधिक मजबूत होगी और बढ़ते लोड को आसानी से संभाला जा सकेगा। इससे भविष्य में बढ़ने वाली बिजली मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या होगी कम
रांची के कई इलाकों में गर्मी के दौरान लो-वोल्टेज की समस्या आम हो जाती है। उपभोक्ताओं को पंखा, कूलर और पानी की मोटर सही ढंग से नहीं चलने की शिकायत रहती है। ग्रिड क्षमता बढ़ने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज मिलेगा। खासकर शाम के पीक आवर में लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
मानसून से पहले तैयारी तेज
बिजली विभाग सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि आने वाले मानसून को ध्यान में रखकर भी तैयारी कर रहा है। बारिश के मौसम में अक्सर लाइन फॉल्ट और ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग पहले से ग्रिड व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
नामकुम, कांके और हटिया ग्रिड स्टेशन राजधानी रांची की बिजली व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। इनकी क्षमता बढ़ने से शहर के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

