पलामू: पलामू जिले में विकास योजनाओं और स्वरोजगार कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त शशि रंजन का सख्त रुख देखने को मिला। सरकारी योजनाओं के तहत लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध नहीं कराने और विकास कार्यों में हो रही देरी पर उन्होंने बैंक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी दी। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऋण स्वीकृति में देरी पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई बैंक विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं कर रहे हैं। इससे स्वरोजगार शुरू करने की तैयारी कर रहे युवाओं और लाभुकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त शशि रंजन ने बैंक अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है और बैंक इस प्रक्रिया में सहयोगी की भूमिका निभाएं।
नगर निकायों को विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में नगर निकायों द्वारा संचालित विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कई परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं मिलने पर उपायुक्त ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक है। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए जनता से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह दी ताकि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं की नियमित निगरानी करें और जिन परियोजनाओं की प्रगति धीमी है, उनके कारणों की पहचान कर तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
बैठक के दौरान उपायुक्त शशि रंजन ने चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, अनावश्यक देरी या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिले के समग्र विकास और लोगों की बेहतरी के लिए सभी विभागों को गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और विकास कार्यों की गति तेज हो।

