Ranchi : महंगाई की मार झेल रहे झारखंडवासियों को अब रसोई गैस के मोर्चे पर भी बड़ा झटका लगा है। राजधानी रांची में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 1000 रुपये तक पहुंच गई है। गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। विशेष रूप से मध्यम वर्ग और दैनिक आय पर निर्भर परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
ताजा दरों के अनुसार रांची में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 999.50 रुपये हो गई है। ऐसे में हर महीने गैस भरवाना कई परिवारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
रसोई का बजट बिगड़ने लगा
गृहिणियों का कहना है कि पहले से ही सब्जियां, दाल, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हैं। अब गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी ने घरेलू खर्च को और बढ़ा दिया है।
कई परिवारों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें अपने अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। रसोई का मासिक बजट पहले की तुलना में काफी प्रभावित हुआ है।
गैस संकट की मार भी झेल चुके हैं लोग
इस वर्ष झारखंड के कई इलाकों में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई स्थानों पर सिलेंडर की उपलब्धता कम होने के कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
गैस संकट का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे होटल, ढाबों और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी पड़ा था। उन्हें बढ़ती लागत और अनियमित आपूर्ति दोनों समस्याओं का सामना करना पड़ा।
आम आदमी की पहुंच से दूर होती गैस
लोगों का कहना है कि कुछ वर्षों पहले तक घरेलू गैस सिलेंडर 500 से 600 रुपये के बीच उपलब्ध हो जाता था, लेकिन अब इसकी कीमत लगभग 1000 रुपये तक पहुंच गई है।
ऐसे में निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए हर महीने सिलेंडर भरवाना आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का मानना है कि लगातार बढ़ती कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी प्रभावित
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन प्राप्त करने वाले गरीब परिवारों पर भी बढ़ी हुई कीमतों का असर दिखाई दे रहा है। कई लाभार्थियों का कहना है कि सिलेंडर महंगा होने के कारण उन्हें गैस का उपयोग सीमित करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ परिवार फिर से लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधनों का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का पड़ता है असर
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की दरों से प्रभावित होती हैं। वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू गैस की कीमतों पर भी दिखाई देता है।
फिलहाल रांची में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 1000 रुपये के करीब पहुंचने से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है और लोग कीमतों में राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

