रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मंगलवार को राजधानी रांची की सड़कों पर उतर आए। आंदोलनकारी अपनी पहचान, पेंशन, सम्मान और अस्मिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के आवास का घेराव करने निकले हैं। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सुबह से ही आंदोलनकारी मोराबादी क्षेत्र में जुटने लगे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, जिन पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
मोराबादी से मुख्यमंत्री आवास तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मोराबादी मैदान से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक सुरक्षा का अभूतपूर्व बंदोबस्त किया है। सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, डीएसपी और विभिन्न थाना प्रभारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही है। फिलहाल आंदोलनकारियों को मोराबादी इलाके में ही रोक दिया गया है, जहां वे एकजुट होकर नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं।
600 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 600 जवानों की तैनाती की गई है। इसमें रैपिड एक्शन पुलिस, एसआईआरबी, जैप और इको बल की कई टुकड़ियां शामिल हैं। हथियारबंद जवानों के साथ लाठी पार्टी को भी तैनात किया गया है।
इसके अलावा मोराबादी मैदान और मुख्यमंत्री आवास के आसपास ब्रज वाहन, फायर ब्रिगेड, रंगीन पानी के टैंकर और आंसू गैस दस्ता भी तैयार रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
आंदोलनकारियों को मैदान में रोकने की रणनीति
प्रशासन की प्राथमिकता आंदोलनकारियों को मोराबादी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्र में ही रोकने की है। इसके लिए बैरिकेडिंग और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
फिलहाल राजधानी में माहौल शांतिपूर्ण है, लेकिन आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क बना हुआ है।

