रांची : झारखंड में अवैध वेतन निकासी और सरकारी राशि के गबन से जुड़े बहुचर्चित मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम ने जांच तेज कर दी है। तकनीकी साक्ष्य, बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस घोटाले की आंच अब महालेखाकार कार्यालय तक पहुंचती दिख रही है, जिससे ऑडिट प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ऑडिट के बावजूद नहीं पकड़ में आई गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार, फरवरी में महालेखाकार कार्यालय की एक ऑडिट टीम बोकारो पहुंची थी। टीम की एक महिला सदस्य ने वित्तीय अनियमितता की पहचान की थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित कार्यालय को क्लीन चिट दे दी गई। बाद में उसी सदस्य द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई शिकायत के बाद मामला उजागर हुआ और अन्य जिलों में भी गड़बड़ियों की परतें खुलने लगीं।

चाईबासा केस को सीआईडी ने संभाला

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में दर्ज प्राथमिकी को सीआईडी ने टेकओवर कर लिया है। इस मामले को सीआईडी थाना रांची में पुनः दर्ज किया गया है। इससे पहले बोकारो और हजारीबाग के मामलों को भी सीआईडी अपने हाथ में ले चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि यह घोटाला कई जिलों तक फैला हुआ है।

कोषागार जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

कोषागार पदाधिकारी सुमित कुमार के बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में खुलासा हुआ कि एसपी कार्यालय के डीडीओ कोड के जरिए कई बैंक खातों में मल्टीपल पेयी बनाकर अवैध लेन-देन किया गया। महालेखाकार की समीक्षा में 26 लाख 21 हजार 717 रुपये की गड़बड़ी सामने आई है।

सात सदस्यीय जांच टीम ने की पुष्टि

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त द्वारा गठित सात सदस्यीय जांच टीम ने रिपोर्ट में पाया कि एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थापित सिपाही देवनारायण मुर्मू की संलिप्तता प्रथम दृष्टया प्रमाणित होती है। आरोप है कि उसने सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर राशि का गबन किया।

डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड में अंतर

जांच में यह भी सामने आया कि विपत्रों की सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी में अंतर रखा गया था। यानी डिजिटल डेटा में बदलाव कर कागजी रिकॉर्ड अलग रखा गया, ताकि अनियमितता छिपाई जा सके।

चार बैंक खातों में भेजी गई राशि

जांच टीम के अनुसार, अवैध रूप से निकाली गई राशि चार अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई, जिनमें आरोपी का निजी खाता भी शामिल है। इन खातों के माध्यम से कुल 26.21 लाख रुपये का लेन-देन किया गया।

आगे और खुलासे की संभावना

सीआईडी की एसआईटी अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी जिलों में ऐसे मामलों का खुलासा हो सकता है। साथ ही, इसमें शामिल अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना है।

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