रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने सरायकेला-खरसावां स्थित चालयामा स्टील प्लांट से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्लांट परिसर में पार्किंग व्यवस्था और श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करने को कहा है।

जनहित याचिका पर सुनवाई

यह मामला एक जनहित याचिका के माध्यम से अदालत के समक्ष लाया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्लांट परिसर में पर्याप्त पार्किंग सुविधा नहीं होने के कारण भारी वाहन सार्वजनिक सड़कों पर खड़े रहते हैं। इससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि प्लांट में कार्यरत श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।

स्वास्थ्य को बताया मौलिक अधिकार

मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि खतरनाक उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी है।

पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था पर सख्ती

अदालत ने यह भी माना कि उद्योगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों का उपयोग पार्किंग के रूप में करना उचित नहीं है। प्लांट में पार्किंग की कमी के कारण सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

कोर्ट के प्रमुख निर्देश

अदालत ने मामले के निपटारे के साथ कई अहम निर्देश जारी किए हैं:

  • झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 के नियम 41 का सख्ती से पालन
  • प्लांट परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करना
  • सार्वजनिक सड़कों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर रोक
  • सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार
  • ट्रॉमा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का विकास
  • कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करना

18 महीने की समयसीमा तय

हाईकोर्ट ने इन सभी निर्देशों को लागू करने के लिए 3 से 18 महीने की समयसीमा तय की है। साथ ही छह महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि उद्योगों को सार्वजनिक संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए, वहीं राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह श्रमिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version