रांची : रांची यूनिवर्सिटी में परीक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और लंबित कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने ग्रेड-3 के पांच कर्मचारियों का तबादला कर उन्हें परीक्षा विभाग में पदस्थापित किया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को अब परीक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि परीक्षा, रिजल्ट, मार्कशीट और अन्य प्रशासनिक कार्यों का बढ़ता दबाव कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
परीक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने की कोशिश
रांची यूनिवर्सिटी में लंबे समय से परीक्षा परिणाम में देरी, दस्तावेजों के निष्पादन में सुस्ती और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बाधा जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। छात्रों को रिजल्ट, माइग्रेशन, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कई बार विश्वविद्यालय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
ऐसे में परीक्षा विभाग में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती को व्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
छात्रों को मिल सकती है राहत
विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले से छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आता है, तो लंबित मामलों का निष्पादन तेजी से हो सकेगा और छात्रों को समय पर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
परीक्षा विभाग को किसी भी विश्वविद्यालय का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध छात्रों के भविष्य से होता है। ऐसे में प्रशासन का फोकस अब परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने पर दिखाई दे रहा है।
प्रशासनिक चुनौतियों के बीच लिया गया फैसला
रांची यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से शैक्षणिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा में रही है। ऐसे माहौल में परीक्षा विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
अब छात्रों और शिक्षकों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह प्रशासनिक फेरबदल जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाता है और परीक्षा व्यवस्था में कितना सुधार आता है।

