सरायकेला : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के हाड़ात गांव में हाथी हमले में दो लोगों की मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिला वन पदाधिकारी सवा आलम अंसारी के निर्देश पर चांडिल वन क्षेत्र की टीम को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

पूरी रात चला ऑपरेशन

घटना के बाद आदरडीह और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की टीम पूरी रात सक्रिय रही। वनपाल, वनरक्षी और एलीफेंट ड्राइव टीम ने गांव के आसपास मोर्चा संभाल लिया। टीम का उद्देश्य हाथियों के झुंड को किसी भी स्थिति में गांव की ओर बढ़ने से रोकना था।

रात के अंधेरे में टीम मशाल, टॉर्च और पटाखों के सहारे जंगल में उतरी और लगातार गश्त करते हुए हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा

वन विभाग ने डुमरा और आदरडीह के बीच जंगल में मौजूद 8 से 10 हाथियों के झुंड को पटाखों और मशाल की मदद से दलमा पहाड़ की ओर खदेड़ने का प्रयास किया।

ग्रामीणों को दी गई चेतावनी

वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और रात के समय घर से बाहर न निकलें। साथ ही हाथी दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा गया है।

वन विभाग पर उठे सवाल

लगातार हो रही हाथी हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

24 घंटे अलर्ट पर टीम

चांडिल रेंजर ने बताया कि एलीफेंट ड्राइव टीम को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील गांवों में विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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