जमशेदपुर : साकची बाजार से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई तीन वर्षीय बच्ची आफरीन को पुलिस ने 14 दिनों की लगातार तलाश, तकनीकी जांच और छापेमारी अभियान के बाद पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में एक दंपति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बच्ची की सुरक्षित वापसी के बाद परिवार में खुशी का माहौल है।
बकरीद की खरीदारी के दौरान हुई थी लापता
सिटी एसपी ललित कुमार मीणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि उलीडीह थाना क्षेत्र के हयात नगर निवासी मो. इम्तियाज 26 मई को अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बकरीद की खरीदारी के लिए साकची बाजार पहुंचे थे। बाजार में अत्यधिक भीड़ होने के दौरान उनकी तीन वर्षीय बेटी आफरीन अचानक लापता हो गई।
परिजनों ने बाजार और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद साकची थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया। जांच के दौरान साकची बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
फुटेज की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसमें एक दंपति बच्ची को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान और लोकेशन का पता लगाने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी।
कपाली से पुरुलिया तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संदिग्ध कपाली क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं। जब पुलिस वहां पहुंची तो मकान बंद मिला। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र स्थित पुष्टि गांव पहुंची।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 42 वर्षीय अब्दुल जसीम उर्फ लखन और उसकी 30 वर्षीय पत्नी अफसाना बेगम को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से आफरीन को सकुशल बरामद कर लिया गया।
संतान नहीं होने पर किया था अपहरण
पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उनकी शादी को करीब 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उन्हें संतान नहीं हुई। बच्चा पाने की इच्छा में उन्होंने साकची बाजार में अकेली दिखी आफरीन का अपहरण कर लिया था।
आरोपित बच्ची को अपने गांव ले जाकर अपनी संतान की तरह पालना चाहते थे। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण उनकी योजना सफल नहीं हो सकी।
मोबाइल जब्त, अन्य पहलुओं की भी जांच
पुलिस ने आरोपित दंपति के पास से दो स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं। दोनों मोबाइल फोन को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
बेटी को देखकर भावुक हुए परिजन
करीब 14 दिनों तक बेटी की तलाश में परेशान रहे माता-पिता के लिए वह पल बेहद भावुक था, जब पुलिस ने आफरीन को सकुशल उनके हवाले किया। बेटी को देखते ही परिवार के सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
मो. इम्तियाज और उनके परिवार ने बच्ची को सुरक्षित वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की लगातार मेहनत और समर्पण के कारण ही उनकी बेटी सकुशल वापस मिल सकी।
पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय
इस पूरे अभियान में साकची थाना की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिटी एसपी ललित कुमार मीणा ने अभियान में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्ची की सकुशल बरामदगी पुलिस की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

