रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सभी दलों के समर्थन मिलने की उम्मीद जताई।
परिमल नाथवानी ने कहा कि उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। इसके साथ ही उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आजसू समेत अन्य दलों से भी सकारात्मक सहयोग की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि झारखंड उनकी कर्मभूमि रही है और वे दो बार राज्य से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
झारखंड के लिए काम करना मेरी प्राथमिकता
मीडिया से बातचीत के दौरान परिमल नाथवानी ने कहा कि उनका उद्देश्य झारखंड के विकास और राज्यहित के मुद्दों पर काम करना है। उन्होंने कहा कि वे किसी दल विशेष के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि झारखंड के हितों को आगे बढ़ाने की भावना के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बातचीत हुई है। नाथवानी ने कहा कि उन्हें पहले भी विभिन्न दलों का समर्थन मिलता रहा है और इस बार भी व्यापक समर्थन मिलने की उम्मीद है।
18 जून को होगा मतदान
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं और राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून को होना है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों की रणनीतियों और समर्थन के गणित पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि परिमल नाथवानी को भाजपा और उसके सहयोगी दलों का पूरा समर्थन मिलता है, तो उनकी जीत की संभावना मजबूत हो सकती है। हालांकि अंतिम परिणाम संख्या बल और मतदान के दौरान विधायकों के रुख पर निर्भर करेगा।
चुनावी समीकरणों पर बढ़ी नजर
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के साथ ही झारखंड की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में संभावित समर्थन, चुनावी गणित और नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
आने वाले दिनों में विभिन्न दलों की रणनीति, विधायकों की भूमिका और चुनावी समीकरणों पर सबकी नजर रहेगी। राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

